मेरी हिन्दी कविताओं का संग्रह (Collection of my own poems)
Get link
Facebook
X
Pinterest
Email
Other Apps
🌹 🌹 & & 🌹 🌹
तरह-तरह के रंगों वाली फिर से आयी होली।
रंग गुलाल हाथ लिए निकली मस्तों की टोली।
स्वागत में बजते हैं ढोल, तबले, चंग, सारंगी,
गोरी के मुख से गाली भी लगती मीठी बोली।
🌹 🌹 🌹 —लक्ष्मी सिंह 💓 ☺
Comments
Post a Comment