शब्द-शब्द दर्द की कहानी है

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शब्द-शब्द दर्द की कहानी है। 
दिल की आवाज बेजुबानी है।

जाने क्या पढकर रूठे हो तुम , 
हर पन्ना मेरी कुर्बानी है।

छोड़ कर मुझको तुम नहीं जाओ, 
तुम बिन ये जीवन वीरानी है।

प्यार हद से किया है मैंने तुम्हें, 
पाक इश्क मेरी रूहानी है।

ख्वाहिशें चाँद सितारों की नहीं, 
तेरे दिल में जगह बनानी है।

जहाँ तुम मिले गले लगाया था 
दिल में अब तक वही निशानी है।

जब से नफरत का उपहार मिला, 
गुमशुदा मेरी ये जवानी है।

आँखों से लहू टपकता ही रहा, 
तुम समझते रहे ये पानी है।

हर अहसासों को बना के गजल, 
लिखना क्या मेरी मनमानी है। 
🌹🌹🌹-लक्ष्मी सिंह 💓

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