पर्यावरण दिवस


मार कुल्हाड़ी खुद अपने हाथों,
मानव ने अपना चमन उजड़ा।
एक - पल कभी नहीं ये सोचा,
बिना इसके होगा कैसे गुजारा?
—लक्ष्मी सिंह 💓☺


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