निंद कहाँ आती है



नींद कहाँ आती है पर सोना ही पड़ता  है। 
दर्द हद से ज्यादा गुजर जाये तो रोना ही पड़ता है। 
प्यार किया तो प्यार का रीत निभाना ही पड़ता  है। 
रात भर मोमबत्ती की तरह जलना ही पड़ता है। 

-लक्ष्मी सिंह 
-नई दिल्ली 

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