सच्ची दोस्ती
सच्ची दोस्ती संसार-सागर की तरंग। विश्व उद्धान का सौरभ, हृदय मंदिर का दीप अखंड। हृदय वीणा के तार का मधुर स्पंदन, सच्ची दोस्ती हीरा और कुन्दन। —लक्ष्मी सिंह
मेरी हिन्दी कविताओं का संग्रह (Collection of my own poems)