Posts

उरी_के_अमर_शहीदों_को_अश्रुपूरित_श्रृद्धांजली

Image
💐 🌹 💐 🌹 💐 🌹 💐 🌹 _ संकट में है देश,घिरी फिर, सिर पर घटा अँधेरी। सिंह सपूतों गरज पड़ो, फिर बज उठी रणभेरी। उठो नरेन्द्र गर्जना करो, चीर दो दुश्मन की छाती। प्रचंड प्रल्यंकर हुंकार भरो, फूक दो बिगुल निर्णायक युद्ध की। बहुत हुआ अब , हृदय में धधक उठी गुस्से की ज्वालामुखी। चुन-चुन कर संहार करो, उठो अर्जुन तान गांडीव की डोरी। अपने हर एक लाल की , हिसाब मांग रही है माँ भारती। सीना फार कुचल डालो , शत्रु देख ना पाये सूरज कल की । कूचल डालो ,नेस्ततनाबूत करो, हर चाल कपटी की आत्मघाती। क्रूरता से संहार करो, अमन -चैन छिना है सबकी । 💐 🌹 💐 🌹 💐 🌹 शत-शत नमन —लक्ष्मी सिंह 💐 कुर्बानी व्यर्थ न जायेगी 💐 🌹 यलग़ार 🌹 हो— 💐 जय हिंद 💐

उरी में शहीद हुए 17 वीर जवानों को श्रद्धांजली.....

Image
💐 🌹 💐 🌹 💐 🌹 💐 🌹 शेरे हिन्द अब चुप मत रहो, दुश्मनों का दिल दहला दो , अपने सिंह की दहाड़ से। अब रूला दो पाक को, लातों के भूत हैं   नहीं मानेगे बात से। समझौते की बात मत करो, ईट का जबाब दो, चट्टानों की वार से। कितना चुप, कितना सहोगे, कश्मिरी घाटी   रंग गया माँ के सत्रह लाल से। शत्रु शरहद लाँघ चुका है,   अब ना समझाओ बात से। कश्मिर जल रहा , आतंकवादी खुन्खार से। शत्रु के मनसूबों को   खाक में मिला दो। अपने सीनें मे धधकती अंगार से। वीर शहीदों के परिजनों के   हर आँसू का हिसाब लेनी है। शरहद पार उन खूनी हत्यारों से। युद्ध मत टालो , आवाज आ रही है। हिन्दुस्तान के हर नौजवानों से। सेना तैयार खड़ी है , शत्रु को धूल चटाने को। देश अशांत हो रहा है दुश्मनों के आतंक से। कह दो हमारी सेना आगे बढे, प्यार क्यों बढा रहे, कायर पाकिस्तान से। छूट दे दो जवानों को, छेद दे दुश्मन की छाती। गन,तोंपो,गोलों और बारूदों से। आ गया समय ईंट से ईंट बजाने का, देश की करनी है सुरक...

मुस्कुराना मेरी अदा है

Image
मुस्कुराना मेरी अदा है,  जिस पर जमाना फिदा है। मुस्कुराना मेरी जीवन का  अनमोल खजाना है । जिससे मेरा हर सफर  सुहाना है । फूलों की तरह  खिलखिलाती हूँ मैं । भवरों की तरह  गुनगुनाती हूँ मैं । जमाना मेरे साथ हो ना हो  जमाने के साथ चलती हूँ मैं । एक मुस्कान सौ दुःखों  को हरती है । मुस्कान से चेहरे  की रंगत बढती है । एक मुस्कान दोस्ती में  जान डाल देती है । दुश्मन को भी  अपना बना लेती है । कभी दूसरों के लिए जीना,  किसी का प्रेम समझना,  उस एहसास को जीना,  उस पर खुश हो रहना,  हर स्थिति में खुशगवार रहना,  वक्त की हर शाख पकड़ कर  जिन्दगी के सफर में आगे बढ़ते रहना । जिन्दगी एक बार ही मिलती है यारों,  तुम भी हसते, मुस्कुराते रहना । जिन्दगी का जश् न  यूँ ही मनाते रहना ।                   -लक्ष्मी सिंह        ...

कारगिल

Image
शत-शत नमन कारगिल के वीरों, देश के खातिर अपनी जान गवाई। शत-शत नमन उन शहीदों को जिसने देश के खातिर सीने पर गोली खाई। नम न कर रहा तुझे आज हर हिन्दुस्तानी, भारत माँ की शान में जो दी तुने कुर्बानी । कारगिल विजय दिवस, भारत केइतिहास में, सन 1999 है दिन 26 जुलाई । जब भारत के वीरों ने कारगिल युद्ध में, पाकिस्तानी सेनाओं को धूल चटाई । शत-शत..... कश्मीर रेखा नियंत्रण के जरिये घूस - पैठ की थी साजिश। यह पाकिस्तानी परवेज मुसर्रफ की थी रंजिश। खबर होते ही भारतीय सेनाओं ने तनिक न देर लगाई जबाबी हमलों में हजारों सैनिकों ने अपनी जान गवाई। शत-शत नमन........... तोपों , लॉचरों से रोजाना होती थी लड़ाई, युद्ध में सेना ने 2,50,000 गोलें, बरसाई। इन्डियन एयर फोर्स ने "अॉपरेशन सफेद सागर" चलाई मिग - 29से पाक के कई ठिकानों पर आर 77 मिसाईलों से दुश्मन के छक्के छुड़ाई। शत-शत नमन....... कारगिल युद्ध की स्क्रिप्ट शायद पाकिस्तान ने तभी बनाई । जब पाक को शांति - पाठ पढाने पहुचे थे प्रधान मंत्री वाजपेई । युद्ध से पहले जगह का...

आज के इंसान को गरजते देखा

Image
आज के इन्सान को गरजते देखा। बेवजह हमहरते देखा। अपनी ही गलती पर शर्मिन्दगी की जगह चिखते चिल्लाते देखा। अपनी गलती को ढकने के लिए नीच की श्रेणी से भी नीचे गिरते देखा। चोरी करके भी सीनाजोड़ी करते देखा। आज के इन्सान को गरजते देखा। खड़े थे दो पैरों पर, लेकिन लड़खड़ाते देखा। ये क्या संस्कार देगें अपने बच्चों को। जिन्हें खुद ही संस्कारहीनता से नीचे गिरते देखा। बच्चों के भविष्य को स्वार्थलिप्त अधर में डूबते देखा। खुद की नजरों में उसे गिरते देखा। आज के इन्सान को गरजते देखा। बेवजह हमहरते देखा। -लक्ष्मी सिंह  नई दिल्ली 

मुझे इश्क है सब से

Image
मुझे इश्क है,  सब से..   इस जमीं से..   आसमा से..   शून्य में रहने वाले रब से..   फूलों से...   फूलों की खुश्बू से...   उस पर मंडराती,   उस तीतली से...   मुझे इश्क है,   सब से....   कोयल की कूक से....   दिल में उठती हूक से....   चट्टानों की मूक से....   मुझे इश्क है,   सब से.....   सरसराती इन हवाओं से....   रंगीनियाँ बिखरती फिजाओं...   मौसम की बदलती अदाओं से...   मुझे इश्क है,   सब से.....   तुफान को दबाएँ इन खामोश समुन्दर से....   समुन्दर की लहरों से...   शोर मचाती इन झरनों से.....   मुझे इश्क है,   सब से.....   जहाँ बचपन बीता उन गलियों से.....   जवानी की अटखेलियों से....   सुहागन की सिन्दुर से....   जिम्मेदारी की इन फूल से....   मुझे इश्क है,   सब से........   मुझे इश्क है, ...

गुरू

Image
माता देती नव जीवन  पिता है सुरक्षा कवच  गुरु ईश्वर से बढ़कर  जो करता है  देशों का निर्माण   सभी गुरु जनों को  मेरा  शत -शत प्रणाम  गुरु ज्ञान का दीप जलाते  अज्ञान का अन्धकार मिटाते    सत्य -न्याय का पथ बतलाते  जीवन संघर्ष  से लड़ना सिखलाते सच्ची मानवता से मिलवाते  सही गलत का भेद बतलाते   गुरु धैर्यता का पाठ  पढ़ाते  पग -पग पर परछाई बन जाते  कभी डाँट कर कभी प्यार से  कितना कुछ हमको सिखलाते  संकट से लड़ना सिखलाते  दुःख मे भी हंसना सिखलाते  जीवन की बुराई मिटाते  हमें अच्छा इंसान बनाते।   -लक्ष्मी सिंह     -नई दिल्ली